
दूहा - मायड़ भासा रो मान
1.
मायड़ भासा मो'वणी,धर थूं इण रो ध्यान,
मायड़ नै अपणाय ले, बधसी थारी स्यान.
2.
भान्त भान्त री बोलियाँ, हर भासा री आन.
भेळी होयां भारियो, तूठे आंरी तान..
3.
बीस कोस में बदळज्ये, बोली थारा बोल.
अणसमझी ना कह सकां, सगळा है अनमोल..
4.
संको ना कर बावला, मायड़ भासा बोल.
कर ले मन री बातड़ी, हिड़दै में ले तोल..
5.
वीरां री भासा रही, घणो दिरावै जोस.
सगती देवै सांतरी, मेटे दुसमण होस..
6.
लाड कोड मन मो'वणा, मायड़ घणी सुहाय.
रूं रूं खिल ज्ये देह रो, हिड़दै आवै दाय..
7.
गिटपिट- गिटपिट क्यूं करै, बोल थूं मायड़ बोल.
मायड़ भासा छोडगे, कठे फिरै बगलोल..
8.
अळगी भासा सीख ले, आसी थारै काम.
मायड़ भासा छोड ना, ओ है माँ रो नाम..
9.
मायड़ भासा मानता, जद द्येगी सरकार.
घर घर मिलसी नौकरी, बारै नीं दरकार..
10.
अमेरिका तो दे दियो, मायड़ भासा मान.
भारतआल़ो भायला, सुणसी कद संविधान..?
Srijan.....25/02/2009 by Deendayal Sharma
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